NEW DELHI : पाकिस्तान की ओर से भारतीय सिखों के लिए न्योता आया है। पाकिस्तान ने गुरु नानक की 551वीं जयंती के मौके पर वहां आयोजित होने जा रहे कार्यक्रमों में शिरकत की गुजारिश की है। इंडियन सिख संगत के माध्यम से एडवांस रूप से भेजे गए निमंत्रण के मुताबिक भक्तों के लिए कोविड 19 जांच को जरूरी किया गया है। पाकिस्तान भारत से जाने वाले सिखों को पांच दिन का वीजा देगा।
इसके अलावा देश के वक्फ बोर्ड और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी शिरोमणि कमेटी ऑफ इंडिया सहित कई अन्य सिख समाजों को नियमित रूप से निमंत्रण भेजे हैं। न्योतों में बताया गया है कि भारतीय सिखों को बिना किसी एक्सटेंशन के सीमित अवधि के लिए ही पाकिस्तान में रहने की अनुमति दी जाएगी।
गुरु नानक गुरपर्ब के रूप में जाना जाने वाला तीन दिवसीय उत्सव 27 नवंबर को ननकाना साहिब में शुरू होगा। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख सरदार सतवंत सिंह ने कहा, पाकिस्तान में भारतीय सिखों के प्रवास के विकल्प पर भारत में बंद सीमा और बढ़ते कोरोनावायरस आंकड़ों के मद्देनजर विचार किया जाना था।
भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय समझौते के अनुसार, गुरदास समारोह के लिए विशेष रूप से 3,000 भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। वहीं इस बार तीर्थयात्रियों को ननकाना साहिब तक ही सीमित रखा जाएगा, इससे पहले उन्हें लाहौर में कई गुरुद्वारों, ननकाना साहिब, हसन अब्दल, करतारपुरा, रोहरी साहिब और फारूकबाद में जाने के लिए 10-दिवसीय वीजा का विकल्प दिया गया था।
पहली बार तीर्थयात्रियों के पास लाहौर में रहने या खरीदारी करने का विकल्प नहीं होगा। सावंत सिंह ने कहा, वाघा बॉर्डर पर 27 नवंबर को भारतीय तीर्थयात्रियों का स्वागत किया जाएगा, जहां से वे एक विशेष बस सेवा के माध्यम से वे ननकाना साहिब जाएंगे। उन्होंने आगे कहा, तीर्थयात्री ननकाना साहिब के विभिन्न गुरुद्वारों में जा सकते हैं और नगर कीर्तन में भाग ले सकते हैं।
