Short Selling कर शेयर मार्केट में अब पैसा बनाना मुश्किल होगा!
सेबी ने शार्ट सेलिंग के लिए बदले नियम!
खुदरा निवेशकों के लिए नये आदेशों का इंतजार
इंस्टीटयूशनल बायर के लिए बदल दिये गये नियम
शार्ट सेलिंग (Short Selling) को लेकर सेबीने नये नियम इंट्रोडयूस किये हैं। हिंडनबर्ग रिपोर्ट के आरोपो से आडणी समूह को भले ही क्लीन चिट मिल गयी हो। लेकिन इसके असर से शेयर बाजार अछूता नहीं है। सेबी ने फ्राइडे को अपने नये आदेशों में कहा है कि इंस्टीटूशनल निवेशकों को ऑर्डर देते समय पहले ही बताना होगा कि लेनदेन शॉर्ट सेलिंग (Short Selling) है या नहीं। आदेश में कहा गया है कि खुदरा निवेशकों को लेनदेन के दिन कारोबारी घंटों के अंत तक इसी तरह का खुलासा करने की अनुमति दी जाएगी।
सेबी के नये नियमों के मुताबिक “दलालों को शेयर-वार शॉर्ट सेलिंग की स्थिति पर विवरण एकत्र करने, डेटा को एकत्रित करने और अगले कारोबारी दिन व्यापार शुरू होने से पहले स्टॉक एक्सचेंजों पर अपलोड करना जरूरी किया जाएगा। स्टॉक एक्सचेंज तब ऐसी जानकारी को समेकित करेंगे और प्रसारित करेंगे इसे हर सप्ताह जनता की जानकारी के लिए अपनी वेबसाइटों पर डालेंगे। (Short Selling)
सेबी ने खुदरा और संस्थागत निवेशकों जैसे सभी वर्गों के निवेशकों को शॉर्ट सेल (Short Selling) करने की अनुमति दी है, लेकिन बेईमानी को रोकने के लिए कुछ शर्तें भी लगाई हैं।
यह निर्णय हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद अडाणी समूह के शेयरों में कथित हेरफेर की अदालत की निगरानी में जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ठीक बाद आया है। शीर्ष अदालत ने याचिका खारिज कर दी, लेकिन सेबी से यह जांच करने को कहा कि क्या भारतीय निवेशकों को अनुसंधान एजेंसी के कार्यों से नुकसान हुआ है या क्या बाजार में शॉर्ट पोजीशन ली गई है जो कानून के खिलाफ है। (Short Selling)
सेबी ने पहले अक्टूबर 2023 में स्टॉक एक्सचेंजों और क्लियरिंग कॉरपोरेशन के लिए एक मास्टर सर्कुलर जारी किया था, जिसे अब नवीनतम सर्कुलर में नए प्रावधानों को शामिल करने के साथ अपडेट किया गया है। (Short Selling)