Homeअन्य राज्यकम्प्यूटर बाबा के आश्रम पर चला बुल्डोजर

कम्प्यूटर बाबा के आश्रम पर चला बुल्डोजर

INDORE : मध्यप्रदेश में अपने राजनीतिक संबंधों के कारण चर्चा में रहने वाले कंप्यूटर बाबा (रामदेव दास त्यागी) का जम्बूड़ी हप्सी गांव में सरकारी जमीन पर बने आश्रम को रविवार सुबह ढहा दिया गया। इस दौरान विरोध करने पर पुलिस ने बाबा सहित सात लोगों को जेल भेज दिया।

अधिकारियों ने बताया कि बाबा को सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के लिए नोटिस भी दिए हए थे। अर्थदंड के अलावा शासकीय भूमि से बेदखल करने का आदेश भी पारित किया गया था। बाबा ने 46 एकड़ जमीन में से तीन एकड़ जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर घर बना लिया था। मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने इसे बदले की भावना के तहत की गई कार्रवाई करार दिया है।

मामला गरमाने पर पिछले दिनों राजस्व विभाग ने इसकी जांच की। इसमें खुलासा होने के बाद सुबह-सुबह कलेक्टर मनीष सिंह के आदेश पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और कब्जा हटाने की कार्यवाही को अंजाम दिया गया। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा, ‘इंदौर में बदले की भावना से कंप्यूटर बाबा का आश्रम व मंदिर बिना किसी नोटिस दिए तोड़ा जा रहा है। यह राजनैतिक प्रतिशोध की चरम सीमा है। मैं इसकी निंदा करता हूं।’

वैष्णव संप्रदाय (अपने इष्ट देव के रूप में भगवान विष्णु को पूजने वाले हिंदू मतावलम्बी) से ताल्लुक रखने वाले कंप्यूटर बाबा का असली नाम नामदेव दास त्यागी है। केवल 15 महीने चल सकी पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार ने उन्हें नर्मदा, क्षिप्रा और मन्दाकिनी नदियों के संरक्षण के लिए गठित न्यास का अध्यक्ष बनाया था।

राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को संपन्न उप चुनावों से पहले कंप्यूटर बाबा ने अन्य साधु-संतों के साथ लोकतंत्र बचाओ यात्रा निकाली थी। चुनाव क्षेत्रों से गुजरी इस यात्रा में कंप्यूटर बाबा ने कांग्रेस के उन 22 बागी विधायकों को गद्दार बताया था जिनके विधानसभा से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण तत्कालीन कमलनाथ सरकार का 20 मार्च को पतन हो गया था। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा 23 मार्च को सूबे की सत्ता में लौट आई थी।

कंप्यूटर बाबा राज्य में इससे पहले भी कांग्रेस के पक्ष में चुनावी अभियान चला चुके हैं। नर्मदा नदी की कथित बदहाली के प्रमुख मुद्दे पर उन्होंने नवंबर 2018 के पिछले विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ संतों को राज्य भर में लामबंद करने का अभियान चलाया था।

लोकसभा के पिछले चुनावों में उन्होंने भोपाल सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के समर्थन में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए थे।

News Desk
News Desk is a human operator who publish news from desktop. Mostly news are from agency. Please contact sarkartoday2016@gmail.com for any issues. Our head office is in Lucknow (UP).
RELATED ARTICLES

Most Popular