Thursday, April 25, 2024
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पैसों के लेन—देन में हुई थी पूर्व प्रधान की हत्या

RAMPUR: यूपी के रामपुर में 22 वर्षीय ज्ञानेन्द्र नाम के युवक की पैसो के विवाद के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जिसका खुलासा आज एसपी शगुन गौतम ने मीडिया के सामने किया। एसपी के मुताबिक पैसो के विवाद के कारण युवक की हत्या गोली मारकर की गई थी। थाना मिलक पुलिस द्वारा किया गया हत्या आरोपी को गिरफ्तार पुलिस ने हत्या करने का आला कत्ला तमंचा किया बरामद ।

कोतवाली मिलक क्षेत्र एमी गांव निवासी 22 वर्षीय ज्ञानेंद्र की अज्ञात लोगों द्वारा गोली मारकर हत्या कर फरार हो गए थे जिसमे थाना मिलक पुलिस ने धारा 302 बनाम अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी थी।
वहीँ एसपी शगुन गौतम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया था तथा घटना के अनावरण हेतु पुलिस की चार टीमें गठित की गयी थी। पुलिस ने 2 हत्या आरोपी को बिलासपुर रोड फ्लाई ओवर पुल के पास से गिरफ्तार किया है हत्या आरोपी गुलजारी लाल की निशादेही पर हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल 01 अदद नाजायज तमंचा 315 बोर मय 01 खोखा 315 बोर कारतूस नाल में फंसा बरामद हुआ।

हत्या करने का कारण गिरफ्तार हत्या आरोपीयो द्वारा बताया गया कि राजेश कुमार से मेरा काफी वर्षाे से पैसो का लेने देने है। करीब 04 साल पहले मैने ज्ञानेन्द्र के पिता राजेश से अपनी खेती बाड़ी एंव जरूरत के लिये 85000/-रूपये उधार लिये थे। मैंने राजेश कुमार को लगभग 95000/-रूपये वापस कर दिये थे। उसके बाद भी राजेश कुमार से ज्ञानेन्द्र की मृत्यु से पहले अपनी लड़की की शादी का हवाला देकर 92000/- बाकी के रूपये निकलने बताते हुये वापस देने का तकादा किया। मैने राजेश कुमार को काफी समझाया परन्तु राजेश कुमार के पुत्र मृतक ज्ञानेन्द्र ने हत्या से करीब 15-20 दिन पहले फोन करके उधार के निकल रहे 92000/- रू0 माँगे तथा बुरा भला कहते हुये 15 जून तक प्रत्येक दशा में पैसे वापस लौटाने को कहा एंव हत्या से 04 दिन पूर्व मृतक ज्ञानेन्द्र ने मुझे रास्ते में अपने घर से सामने रोककर मेरी बेइज्जती भी की थी। मैं गाँव का पूर्व प्रधान भी रहा हूँ। मेरा भतीजा धर्मवीर पुत्र डालचन्द्र मृतक ज्ञानेन्द्र का बचपन का दोस्त है और उसके साथ रहता था। मैने धर्मवीर से बात करके ज्ञानेन्द्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाना शुरू कर दी। दिनांक 09-06-2020 की रात्रि में करीब 01ः15 से 01ः30 बजे के आस-पास धर्मवीर ने मुझसे मिलकर बताया कि मौका अच्छा है। ज्ञानेन्द्र अपनी बैठक पर बरामदें में चारपाई पर अकेले लेटकर मोबाइल देख रहा है। तभी मैने ज्ञानेन्द्र को गोली मारकर हत्या कर दी। हमने सोचा था कि ज्ञानेन्द्र का झगड़ा ग्राम प्रधान सतीश नायक के लड़के अर्पित के साथ होता रहता है। इसलिए उसका नाम उछालने की कोशिश कर परिवार व पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की साथ ही साथ अभियुक्त गुलजारी लाल ने यह भी बताया कि मृतक ज्ञानेन्द्र की गाॅव बढती वर्चस्व से ईष्या थी।

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