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2024 Lok Sabha elections से पहले शिवपाल कर देंगे यह काम

SARKAR TODAY: 2024 लोकसभा चुनाव (2024 Lok Sabha elections) से पहले ही समाजवादी कुनबें में सत्ता फिसलने के बाद अब रिश्तों की गाठें भी खुलने लगी हैं। कुनबे की उठापठक का राजनतिक फायदा उठाने के लिए बीजेपी ने गोटियां बिछा दी है। उपयुक्त समय पर पासा फेंक कर स्थितियों को अपने पक्ष में करने की महारत हासिल कर चुकी बीजेपी किसी भी कीमत पर मौके को गवाना नहीं चाहती। शिवपाल/अखिलेश की लड़ाई 2024 के लोकसभा चुनाव (2024 Lok Sabha elections) के लिए बीजेपी के लिए संजीवनी का काम करेगी।

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शिवपाल एक बार फिर नाराज है। ठीक वैसे ही जैसे वह 2016 में हुए थे। इस बार की नाराज़गी का असर पिछली नाराजगी से अलग है और समय भी शिवपाल सिंह यादव के साथ है। वह सपा में वापस आ चुके हैं और तकनीकी तौर पर सपा के विधायक है। भले ही शिवपाल सिंह यादव प्रसपा पार्टी चला रहे हो लेकिन चुनाव उन्होंने समाजवादी पार्टी के सिंबल पर लड़ा है इसलिए उनकी पहचान सपा विधायक के तौर पर ही होगी। (2024 Lok Sabha elections)

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अखिलेश यादव ने शिवपाल को सपा विधायक दल की बैठक में न बुलाकर एक बड़ी राजनीतिक गल्ती कर दी है। इस गलती ने एक बार फिर चिंगारी का काम किया है। सीएम योगी ने शिवपाल को अपने आवास पर बुलाकर मुलाकात की। और ठीक उसके बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष से बात की। यह घटना क्रम आने वाले समय की राजनीतिक उठापठक की ओर इशारा कर रहा है। (2024 Lok Sabha elections)

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गौरतलब है कि 2024 में लोगसभा चुनाव (2024 Lok Sabha elections) है और बीजेपी ने उस चुनाव की अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। यदि शिवपाल सिंह यादव कोई बड़ा लक्ष्य अपने लिए चुन ले तो उन्हें मदद मिलने में कोई दुश्ववारी नहीं होगी। शिवपाल के अपने सिंबल पर चुनाव लड़ने का सीधा मतलब यादव लैंड में वोटो का फ्रेक्शन जिसका सीधा फायदा बीजेपी को मिलेगा।

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इस समय सूबे की सियासत में यदि किसी दल के पास वोटों की शक्ति है तो वह समाजवादी पार्टी के पास है। बीजेपी किसी भी कीमत पर इस शक्ति को कम करना चाहेगी। वह इसलिए कि सपा किसी और गठबंधन का हिस्सा बनकर बीजेपी के लिए चुनौती न बन जाए। ऐसे में इस खतरे को कोई कम कर सकता है तो वह शिवपाल सिंह यादव ही हैं। (2024 Lok Sabha elections)

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