खान सर पर आरोप एजूकेशनल वीडियो के जरिये एनडीए का विरोध
Bihar election youth influence के तौर पर चर्चा में खान सर
युवाओं के सिर चढ़कर बोला Khan Sir का political impact
SARKAR TODAY: खान सर विवाद (khan sir controversy) बिहार की राजनीति में नई हवा बहना शुरू हो गयी है। चर्चा है कि बिहार चुनाव में पूर्व केन्द्रीय मंत्री और दूसरे भीतर घातियों पर कार्रवाई करने के बाद जल्द ही बिहार में उन लोगों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने सामने से वार किया है। ऐसे लोग जिनकी बिहार चुनाव में भूमिका संदिग्ध रहीं उन लोगों पर कार्रवाई का डर सता रहा है। इन लोगों में प्रथम नाम खान सर (khan sir controversy) का आता है। जो शिक्षाविद का चोला ओड़कर एंटी सरकार मुहिम चलाई। छात्रों को परोसे जाने वाले एजूकेशनल वीडियो में देखा गया कि एंटी सरकार एजेंडा चलाया जा रहा है। यही नहीं बिहार चुनाव से पहले उन्होंने अस्पताल भी खोले और फ्री इलाज की बात कही।
इसे भी पढ़ें—(Trauma-Bond) ट्रामा बांड के शिकार, कहीं आप भी तो नहीं हो रहेअसल सवाल यह है कि इस विवाद के बाद खान सर का भविष्य किस दिशा में जा रहा है। क्या वह सिर्फ एक शिक्षक बने रहेंगे या फिर जो कर रहे थे उसे जारी रखेंगे। इस विषय पर राजनीतिक विशेषज्ञों की राय साफ है। बिहार की राजनीति में जातीय गणित जितना मायने रखता है युवा वोट बैंक अब उससे भी ज्यादा असर डाल रहा है। और युवा मतदाताओं पर पकड़ रखने वाले लोग चाहे वह इन्फ्लुएंसर हों शिक्षक हों या यूट्यूबर। धीरे धीरे चुनावी समीकरणों में अघोषित कारक बनते जा रहे हैं।
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ने माहौल बिगाड़ा मतदान पैटर्न प्रभावित हुआ इस बात का प्रमाण है कि उनके शब्दों ने राजनीतिक बैरोमीटर को झकंझोर दिया। अब सबसे बड़ा खतरा यह है कि यह विवाद खान सर khan sir controversy को एक राजनीतिक फ्रेम में स्थायी रूप से कैद कर सकता है। आज वह पढ़ाने वाले शिक्षक हैं लेकिन कल उन्हें राजनीतिक रंग में रंगे बिना कोई भी बयान देना मुश्किल हो जाएगा।


