एलन मस्क की चेतावनी दिल्ली में बच्चे कम, बुजुर्ग ज्यादा!
क्या भारत जनसंख्या विस्फोट से सीधे जनसंख्या संकट की ओर बढ़ रहा है?
दिल्ली प्रजनन दर (Delhi Fertility Rate) रिपोर्ट ने सभी को चौका दिया है और इस पर एक नई बहस छिड़ चुकी है। एक समय ऐसा भी गुजरा है जब जब भारत को पापुलेशन बम कह कर चिढ़ाया जाता था। स्कूलों की दीवारों पर हम दो, हमारे दो के नारे लिखे जाते थे। नेताओं के भाषणों में बढ़ती आबादी सबसे बड़ा खतरा बताई जाती थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। इतना बदल रही है कि दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपतियों में से एक एलन मास्क ने भारत की गिरती जन्म दर पर सार्वजनिक चिंता जता दी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत की कुल प्रजनन दर 1.9 पर पहुंच गई है जबकि किसी भी देश की आबादी को स्थिर बनाए रखने के लिए यह दर कम से कम 2.1 होनी चाहिए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दिल्ली की प्रजनन दर (Delhi Fertility Rate) केवल 1.2 रह गई है जो कई विकसित देशों से भी कम है।
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दिल्ली की कोख में आखिर हो क्या रहा है?
दिल्ली देश की राजधानी है और ताजा रिपोर्ट में दिल्ली प्रजनन दर (Delhi Fertility Rate) पर सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली में यहां अवसर हैं नौकरियां हैं, शिक्षा है, आधुनिक जीवनशैली है। लेकिन इन्हीं चीजों के बीच एक ऐसा बदलाव भी जन्म ले रहा है जो आने वाले दशकों में सामाजिक और आर्थिक भूचाल ला सकता है। 1.2 की TFR का सीधा मतलब है कि नई पीढ़ी अपनी जगह लेने के लिए पर्याप्त संख्या में पैदा ही नहीं हो रही। यदि यही रुझान लंबे समय तक बना रहा तो दिल्ली की आबादी का बड़ा हिस्सा बुजुर्गों में बदल सकता है। आज जो युवा दिल्ली की अर्थव्यवस्था चला रहे हैं कल वही संख्या कम होती जाएगी और बुजुर्गों की संख्या बढ़ती जाएगी।
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एलन मस्क क्यों चिंतित हैं?
एलन मस्क वर्षों से कहते चले आ रहे रहे हैं कि मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ा दीर्घकालिक खतरा जनसंख्या विस्फोट नहीं बल्कि गिरती जन्म दर है। उन्होंने हाल ही में भारत के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की जन्म दर प्रतिस्थापन स्तर से नीचे चली गई है और सबसे अधिक शिक्षित वर्गों में यह गिरावट काफी पहले शुरू हो चुकी थी। मस्क का तर्क है कि जब बच्चे कम पैदा होंगे तो भविष्य में श्रमिकों की कमी होगी। टैक्स देने वालों की संख्या घटेगी। पेंशन और सामाजिक सुरक्षा का बोझ बढ़ेगा। आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। यह वही संकट है जिससे आज जपान साउथ कोरिया और कई यूरोपीय देश जूझ रहे हैं। (Delhi Fertility Rate)


