West Bengal: राजनीति में न तो कोई स्थायी दुश्मन होता है और न ही स्थायी दोस्त। पश्चिम बंगाल से ऐसी खबर आ रही है जिसे हजम करना मुश्किल है। कल तक राजनीति के दो ध्रुव आज एक हो रहे हैं। बात वामपंथ और बीजेपी की। खबर यह है कि बंगाल वाम मोर्चा, एलएफ के 21 नेताओं ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थामने का एलान किया है।
बंगाल के हल्दिया कैडर और जिला लेवल के नेताओं ने बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया। जिला क्रांतिकारी सोशलिस्ट पार्टी आरएसपी के अश्विनी जना, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी के सदस्य अर्जुन मोंडल समेत दो दर्जन नेता बीजेपी में शामिल हो गये।
बीजेपी में यह ज्वाइनिंग वाम दलों के गढ़ से हो रही है। जिन नेताओं ने बीजेपी का दामन थामा है उनकी यहां तूती बोला करती थी। यह अलग बात है कि बंगाल में ममता के उदय के बाद यह नेता नेपथय मे चले गये थे।
विजयवर्गीय ने इन नेताओं का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा है कि बंगा के लोगों ने सभी दूसरे राजनीतिक दलों को मौक दिया है। लोगों को एक बार बीजेपी को भी मौका देना चाहिए । उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार करने को लेकर भी जमकर निशाना साधा।
तृणमूल कांग्रेस इन नेताओं की बीजेपी ज्वाइनिंग पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि बंगाल में इन नेताओं की कोई राजनीतिक प्रासंगिकता नहीं है।



