LUCKNOW : मौजूदा समय में मुजफ्फरनगर में एसडीएम पद पर रौब जमा कर बैठे भूपेन्द्र सिंह के पर सीएम योगी ने कतर दिये हैं। उन्हें डिमोट करके फिर से तहसीलदार बना दिया गया है। सोचिए उन पर क्या बीत रही होगी। कल तक जिनको आदेश दे रहे थे अब उनके आदेश पर काम करना होगा भूपेन्द्र सिंह को।
अब यह भी जान लीजिए कि सीएम योगी ने उन्हें यह सजा क्यों दी? दरअस्ल बात वर्ष 2016 की है जब भूपेन्द्र मेरठ जनपद के सरधना तहसील में तैनात थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने मेरठ के ग्राम शिवाया, जमाउल्लापुर, परगना दौराला, तहसील सरधना के राजस्व अभिलेखों में पशुचर के रूप में दर्ज 1.5830 हेक्टेयर भूमि वर्ष 2013 में निजी बिल्डर को आवंटित कर दी थी।
इस प्रकरण की शिकायत के बाद हुई जांच में दोषी पाया गया और उन्हें यह सजा मिली है। एक अन्य तत्कालीन एसडीएम, एक अपर आयुक्त, एक तहसीलदार (अब सेवानिवृत्त) एक राजस्व निरीक्षक व एक लेखपाल के खिलाफ भी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।



