SARKAR TODAY : गठित होने जा रहे मंत्रिमंडल में मुस्लिम चेहरे (Muslim face) के तौर पर क्या बीजेपी बदलाव करेगी। या फिर मौजूदा मंत्री मोहसिन रजा ही इस बार भी शपथ लेंगे। गौरतलब है कि मोहसिन रजा विधान परिषद के सदस्य है और उनका लंबा कार्यकाल अभी बाकी है। पिछले शासनकाल में मोहसिन रजा ने खुद को कुशल प्रशासक के तौर पर सिद्ध किया। वह न तो विवादों से घिरे और न ही उन पर किसी प्रकार के आरोप लगे।
मोहसिन रजा को मुस्लिम चेहरे (Muslim face) के तौर पर पीएम मोदी भी पसंद करते हैं। पिछले शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी ने चुनिंदा लोगों के सिर पर हाथ रखा था। उन चुनिंदा लोगों में मोहसिन रजा भी दे। बात अगर बदलाव की करें तो इस बार बीजेपी में ऐसा लग रहा है कि नीति निर्धारक कुछ बदलाव के मूड में है। सरकार कार्यकर्ताओं को संगठन से सरकार में लाने की बात कही जा रही है। ऐसे लोगों की लंबी फौज है जो सत्ता में भगीदारी का लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं।
लखनऊ में बुक्कल नवाब मुस्लिम चेहरे (Muslim face) के तौर पर सरकार में जगह बनाने के लिए अतुर है। इसके लिए वह प्रयास भी कर रहे हैं। बुक्कल नवाब भी विधान परिषद से आते हैं। बुक्कल नवाब ने सीएम योगी के लिए विधान परिषद से इस्तीफा दिया था। हालांकि पार्टी उन्हें दोबारा से परिषद का सदस्य नियुक्त कर चुक है।
मोहसिन रजा का ताल्लुक उन्नाव से है और उन्नाव में बीजेपी सभी सीटों पर विजयी हुई है। पार्टी की इस विजय में मोहसिन रजा के योगदान से कोई इंकार नहीं कर सकता। वही बुक्कल नवाब का ताल्लुक लखनऊ से है और उनके बेटे फैसल नवाब ने इस चुनाव में बहुत मेहनत की है। अब सवाल यही है कि सरकार मुस्लिम चेहरे (Muslim face) के तौर पर मोहसिन रजा पर विश्वास रखती है या फिर बुक्कल नवाब को मौका देती है। यह भी हो सकता है कि सरकार में कोई तीसरा मुस्लिम (Muslim face) चेहरा देखने को मिल जाए।